Iconic Personalities of Indian Media
Shashi Shekhar
शशि शेखर विगत करीब दस वर्षों से हिंदी दैनिक हिंदुस्तान के एडिटर इन चीफ (#Editor_in_Chief) हैं। उन्हें देश के प्रमुख समाचार पत्रों के साथ ही ऑडियो विजुअल और वेब मीडिया में शीर्ष पदों पर काम करने का करीब 40 वर्षों का अनुभव है। शशि शेखर हिंदी के तेज तर्रार संपादकों में गिने जाते हैं।
प्रारंभिक जीवन
मूल रूप से मैनपुरी जिले के गांव चंदीकरा के निवासी शशि शेखर का जन्म 30 जून 1960 को हुआ था। पिता जगत प्रकाश चतुर्वेदी जिला सूचना अधिकारी थे। पिता के तबादले के साथ उनकी प्रारंभिक शिक्षा मिर्जापुर, इलाहाबाद, आगरा और बनारस में हुई। शशि शेखर ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व विषयों में एमए की उपाधि ली।
करियर
शशि शेखर ने 1980 में बनारस से प्रकाशित ‘आज’ अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की। 1981 में वे मात्र 24 साल की आयु में ‘आज’ इलाहाबाद के संपादक बन गए। वे किसी अखबार के संपादक बनने वाले सबसे युवा पत्रकार (Youngest_Editor_of_Newspaper) थे। बाद में उन्होंने ‘आज’ आगरा की भी कमान संभाली।
आज अखबार में 20 वर्ष गुजारने के बाद उन्होंने 2001 में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का रुख किया और ‘आज तक’ चैनल में आ गए। डेढ़ साल बाद वे फिर प्रिंट मीडिया में लौटे और 2002 में ‘अमर उजाला’ मेरठ की कमान संभाली। अपने काम के बल पर वे जल्द ही अमर उजाला के सभी संस्करणों की जिम्मेदारी संभालने लगे और इसके समूह संपादक और अध्यक्ष (न्यूज) बन गए। अमर उजाला को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के बाद वे 2010 में ‘दैनिक हिंदुस्तान’ के समूह संपादक बने।
पत्रकारिता में योगदान
शशि शेखर हिंदी अखबारों में खबरों में नए तेवर लाने के लिए जाने जाते हैं। वे किसी घटना के घटित होने के बाद उससे संबंधित खबरों की इस प्रकार प्लानिंग करते हैं कि घटना से जुड़ा कोई भी पहलू अछूता नहीं रहता। हिंदी अखबारों में खबरों की एडवांस प्लानिंग की परिपाटी भी उन्होंने ही डाली है। अखबार की गुणवत्ता सुधारने पर उनका सर्वाधिक जोर रहता है।
वह ऐसे संपादक (#Editor) रहे हैं जो स्वयं अखबार के पहले पेज का लेआउट डेस्क पर खड़े होकर बनवाते थे। संपादक के रूप में पाठकों को नई-नई खबरें देना, विकासात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देना और काम करने वाले सहयोगियों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता रही है।
शशि शेखर लिखने–पढ़ने के बहुत शौकीन हैं। वे जहां भी काम करते हैं, वहां हर हफ्ते नियमित रूप से उनका कॉलम ‘आजकल’ के नाम से प्रकाशित होता है जिसमें वे हर समकालीन मुद्दे पर कलम चलाते हैं। उनका यह लेखन विगत कई दशकों से जारी है। यह एक लोकप्रिय कॉलम है और बहुत पढ़ा जाता है। हिंदुस्तान टाइम्स (#HindustanTimes) में उनका कॉलम 'स्ट्रेट फॉरवर्ड' के नाम से छपता है।
शशि शेखर वर्तमान
हिंदी पत्रकारिता (#HindiJournalism) का ऐसा नाम हैं जिन्होंने पत्रकारों की एक पूरी पीढ़ी का न केवल
नेतृत्व किया है बल्कि पत्रकारों और संपादकों की एक नई फौज भी तैयार की है। वे 24 घंटे खबरों में जीने वाले संपादक हैं और कड़ी
मेहनत, दूरदृष्टि, पक्का
इरादा और अनुशासन को वह अपनी सफलता का मूलमंत्र मानते हैं।
- लव कुमार सिंह
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Thank you sir
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DeleteTq Sir🙏
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